मेषवृषभमिथुनकर्क+8

12 राशियाँ — वैदिक ज्योतिष

वैदिक ज्योतिष की 12 राशियाँ

बारह राशियाँ — बारह तरह की चेतनाएँ। राशिचक्र के 360 अंशों को 30-30 अंश के बारह भागों में बाँटा गया है और हर भाग एक अलग स्वभाव, एक अलग तत्व, एक अलग स्वामी ग्रह लेकर चलता है। जन्म कुंडली पढ़ने से पहले राशियों को समझना उतना ही ज़रूरी है जितना वर्णमाला जाने बिना कोई ग्रन्थ नहीं पढ़ा जा सकता।

12 राशियाँ4 तत्व3 गुण9 स्वामी ग्रह

राशि क्या होती है?

राशि वैदिक निरयन राशि चक्र का 30 अंश का भाग है। ज्योतिष में ग्रह, चन्द्र, लग्न और नक्षत्र किस तरह फल देंगे, यह समझने के लिए राशि मूल ढांचा देती है।

वैदिक और पश्चिमी राशि में अंतर

वैदिक ज्योतिष अयनांश सहित निरयन राशि चक्र का उपयोग करता है, जबकि पश्चिमी सूर्य-राशि ज्योतिष सामान्यतः ऋतु-आधारित ट्रॉपिकल राशि चक्र का उपयोग करता है। इसलिए आपकी पश्चिमी सूर्य राशि और वैदिक चन्द्र/लग्न राशि अलग हो सकती है।

चन्द्र राशि, सूर्य राशि और लग्न

चन्द्र राशि मन और भावनात्मक ढंग दिखाती है, सूर्य राशि तेज और अधिकार का संकेत देती है, और लग्न शरीर, पहचान और जीवन-दिशा बताता है। सही वैदिक विश्लेषण में तीनों को साथ देखा जाता है।

राशि और नक्षत्र का सम्बन्ध

प्रत्येक राशि 30 अंश की होती है, जबकि 27 नक्षत्र उसी राशि चक्र को 13°20′ के सूक्ष्म खंडों में बांटते हैं। राशि क्षेत्र देती है; नक्षत्र उसका अधिक सूक्ष्म स्वभाव दिखाता है।

अपनी वैदिक राशि कैसे जानें

वैदिक राशि जानने के लिए Western date range पर्याप्त नहीं है। चन्द्र राशि और लग्न जन्म-तिथि, सटीक जन्म-समय, जन्म-स्थान और अयनांश से गणना करके निकाले जाते हैं। पहले कुंडली देखें, फिर इन राशि पृष्ठों को अर्थ समझने के लिए पढ़ें।

12 राशियों की तुलना

राशिEnglishतत्वगुणस्वामी ग्रह
मेषAriesअग्निचर (गतिशील)मंगल
वृषभTaurusपृथ्वीस्थिरशुक्र
मिथुनGeminiवायुद्विस्वभावबुध
कर्कCancerजलचर (गतिशील)चन्द्र
सिंहLeoअग्निस्थिरसूर्य
कन्याVirgoपृथ्वीद्विस्वभावबुध
तुलाLibraवायुचर (गतिशील)शुक्र
वृश्चिकScorpioजलस्थिरमंगल
धनुSagittariusअग्निद्विस्वभावगुरु
मकरCapricornपृथ्वीचर (गतिशील)शनि
कुंभAquariusवायुस्थिरशनि
मीनPiscesजलद्विस्वभावगुरु

स्रोत और सुरक्षा नोट्स

स्रोत और पद्धति

  • शास्त्रीय आधार में बृहत् पाराशर होरा शास्त्र, फलदीपिका, सारावली, जैमिनि सूत्र और बी. वी. रमन संदर्भों को जहां लागू हो, माना गया है।
  • वैदिक राशि संदर्भ निरयन हैं। गणना और प्रसिद्ध व्यक्तित्वों के चन्द्र-राशि उदाहरणों में, जब तक अलग से न लिखा हो, लाहिरी अयनांश माना गया है।
  • प्रसिद्ध व्यक्तित्वों का जन्म डेटा स्रोत-गुणवत्ता के साथ पढ़ें; AstroDatabank Rodden ratings और AstroSage संदर्भों में भी अनिश्चितता हो सकती है।
  • रत्न और medical astrology शैक्षिक संकेत हैं, prescription नहीं। केवल राशि के आधार पर रत्न न पहनें और स्वास्थ्य-निर्णय न लें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वैदिक ज्योतिष में 12 राशियाँ कौन सी हैं?

वैदिक ज्योतिष की 12 राशियाँ हैं: मेष, वृषभ, मिथुन, कर्क, सिंह, कन्या, तुला, वृश्चिक, धनु, मकर, कुंभ और मीन। प्रत्येक राशि निरयन राशि चक्र के 30 अंश में फैली होती है।

वैदिक राशि और पश्चिमी राशि में क्या अंतर है?

वैदिक ज्योतिष अयनांश-संशोधित निरयन राशि चक्र का उपयोग करता है, जबकि पश्चिमी ज्योतिष सामान्यतः ऋतु-आधारित ट्रॉपिकल राशि चक्र का उपयोग करता है। अयनांश के कारण आज लगभग 23-24 अंश का अंतर दिखता है।

क्या केवल जन्म-तिथि की सीमा से वैदिक राशि पता चलती है?

नहीं। पश्चिमी date range केवल सूर्य-राशि संदर्भ है। वैदिक चन्द्र राशि और लग्न जानने के लिए जन्म-तिथि, सटीक जन्म-समय, जन्म-स्थान और अयनांश से गणना करनी होती है।