पांचवां नक्षत्र · वृषभ 23°20′ से मिथुन 6°40′ · स्वामी मंगल

मृगशिरा नक्षत्र: जहां सुंदरता खोज में बदल जाती है

रोहिणी ने जीवन को रस, रूप और धरती दी; मृगशिरा उसी सुंदर संसार में आंख उठाकर पूछता है कि क्या इसके आगे भी कुछ है।

मृगशिरा नक्षत्र से जुड़ा Lambda Orionis और Orion क्षेत्र

मृगशिरा को Orion क्षेत्र की खोजी छवि से पढ़ना आसान है। लालिमा, धूल, तारे और दिशा बदलता आकाश उस मन की तरह है जो एक उत्तर पाते ही अगला प्रश्न देख लेता है।

Lambda Orionis region, Wikimedia Commons.

हिरण का सिर, मृगशिरा नक्षत्र के प्रतीक के लिए

प्रतीक संकेत

हिरण-मस्तक

मृगशिरा नक्षत्र की तीन तारों वाली प्रतीकात्मक हिरण-मस्तक आकृति

आकाश संकेत

तीन-तारा संकेत

खैर या Acacia catechu वृक्ष

वृक्ष संकेत

खैर वृक्ष

रोहिणी तक आते-आते जीवन सुंदर हो चुका था। खेत में फसल थी, घर में रस था, देह में सुख था, और मन को लग रहा था कि अब शायद सब मिल गया। तभी जंगल से एक हिरण अपना सिर उठाता है। वह भागता नहीं, पहले सुनता है। फिर हवा को सूंघता है। फिर बहुत धीरे किसी अदृश्य दिशा में चल देता है। यही मृगशिरा है।

मृगशिरा वैदिक ज्योतिष का पांचवां नक्षत्र है। इसके पहले दो पद वृषभ में आते हैं और अंतिम दो पद मिथुन में। इसलिए यह नक्षत्र एक पुल है: पहले सौंदर्य, स्वाद और स्पर्श की खोज; फिर विचार, भाषा और संबंधों की खोज। रोहिणी ने जिसे स्थिर किया था, मृगशिरा उसी में गति डालता है।

इस नक्षत्र के देवता सोम हैं। सोम केवल चन्द्रमा नहीं, रस, अमृत, आनंद और सूक्ष्म नशा भी है। मृगशिरा का मन किसी चीज को पकड़कर संतुष्ट नहीं होता; वह उस रस की खोज करता है जो अभी बस छूकर निकल गया। यही इसकी सुंदरता है, और यही इसकी परीक्षा भी।

दृश्य संकेत कैसे पढ़ें

मृगशिरा को केवल deer head कह देना कम है। हिरण का सिर सतर्कता है, खैर वृक्ष सूखी धरती में टिके रहने की क्षमता है, मुर्गी रोजमर्रा की जांच-पड़ताल है, सर्प अंदरूनी संवेदना है, और Orion क्षेत्र का आकाश बताता है कि यह खोज आकाशीय भी है और बिल्कुल मानवीय भी।

Lambda Orionis और Orion क्षेत्र की आकाशीय छवि

आकाश संकेत

Lambda Orionis क्षेत्र

मृगशिरा का आकाश खोजी है। Orion क्षेत्र में फैली लालिमा और तारों की दिशा उस मन को दिखाती है जो स्थिर सुंदरता से संतुष्ट नहीं, अगले संकेत की तलाश में है।

Wikimedia Commons.

तीन तारों से बना मृगशिरा का प्रतीकात्मक हिरण-मस्तक संकेत

शिक्षण संकेत

तीन-तारा हिरण-मस्तक

यह symbolic teaching diagram है। तीन बिंदु मृगशिरा की खोज, सूंघने और दिशा बदलने वाली प्रवृत्ति को सरल रूप में दिखाते हैं।

Mastroify symbolic diagram.

हिरण का सिर

प्रतीक संकेत

हिरण का सिर

हिरण सुंदर है, पर वह केवल सुंदर नहीं। वह सबसे पहले सुनता है। उसकी आंख, नाक और गर्दन हर क्षण पूछती है कि आगे क्या है। यही मृगशिरा का मन है।

Wikimedia Commons.

खैर या Acacia catechu वृक्ष

वृक्ष संकेत

खैर / Acacia catechu

खैर कठोर और उपयोगी वृक्ष है। मृगशिरा की कोमल खोज तभी फल देती है जब भीतर टिकाऊपन भी हो। केवल curiosity काफी नहीं; disciplined seeking जरूरी है।

Dinesh Valke, Wikimedia Commons, CC BY-SA 2.0.

मुर्गी, मृगशिरा के पक्षी संकेत के लिए

पक्षी संकेत

मुर्गी / Hen

मुर्गी जमीन को कुरेदकर दाना खोजती है। मृगशिरा भी उत्तर ऊपर से नहीं गिरने देता; वह छोटे संकेतों, आवाजों और छिपे हुए clues को कुरेदता है।

Wikimedia Commons.

सर्प, मृगशिरा की स्त्री सर्प योनि के संकेत के लिए

योनि संकेत

स्त्री सर्प

सर्प संकेत बताता है कि मृगशिरा की खोज केवल दिमागी नहीं होती। इसमें देह की सूक्ष्म चेतना, instinct, attraction और hidden movement भी शामिल है।

Kamalnv, Wikimedia Commons, CC BY 3.0.

मृगशिरा की पहली कहानी: जो मिला, उसके बाद भी खोज बाकी है

रोहिणी ने कहा था: यह जीवन है, इसे पोषित करो। मृगशिरा कहता है: हां, पर जीवन का रस एक जगह स्थिर नहीं रहता। जैसे ही आप उसे पकड़ते हैं, वह अगले मोड़ पर चला जाता है। यही कारण है कि मृगशिरा में बेचैनी है, पर यह बेचैनी खाली नहीं है। यह खोज की बेचैनी है।

हिरण का सिर इस बात को बहुत सुंदर ढंग से समझाता है। हिरण पूरा शरीर लेकर नहीं आता; केवल सिर आता है। सिर यानी आंख, कान, नाक, दिशा, curiosity और alertness। मृगशिरा का मन पहले वातावरण पढ़ता है। वह व्यक्ति, स्थान, गंध, शब्द, सुर, सूचना और संकेतों को जल्दी पकड़ सकता है।

इसलिए मृगशिरा को केवल restless कहना गलत है। यह restless तब होता है जब खोज को दिशा नहीं मिलती। जब दिशा मिल जाए, तो यही ऊर्जा researcher, artist, traveler, writer, investigator, designer, negotiator और seeker बना देती है।

मृगशिरा का छोटा सूत्र है: उत्तर से प्रेम करो, पर प्रश्न को मत मारो।

सोम देवता: रस, अमृत और अधूरी प्यास

मृगशिरा के देवता सोम हैं। सोम चन्द्रमा की शीतलता भी है और अमृत का रस भी। इसमें आनंद है, कविता है, संगीत है, सुगंध है, और वह सूक्ष्म नशा है जिसमें मन कहता है कि अभी कुछ और बाकी है।

सोम की यही प्रकृति मृगशिरा को कोमल बनाती है। यह कृत्तिका की तरह काटता नहीं, रोहिणी की तरह केवल उगाता भी नहीं। यह सूंघता है। यह पूछता है। यह रास्ते पर चलता है और रास्ते को ही अनुभव बना देता है।

असंतुलन में सोम की प्यास भ्रम बन सकती है। व्यक्ति हर संबंध, हर project, हर शहर, हर idea में अगला रस ढूंढता है और जो सामने है उसे पूरा जी नहीं पाता। संतुलन में यही प्यास साधना बनती है: खोज चलती रहे, पर मन कृतज्ञ रहे।

हिरण का सिर: सुंदरता से अधिक सतर्कता

हिरण सुंदर होता है, पर उसकी सुंदरता का केंद्र उसकी सतर्कता है। उसकी गर्दन हल्की-सी आवाज पर मुड़ती है। उसकी आंख में भय भी है और जिज्ञासा भी। यही मृगशिरा का मन है: आकर्षित भी होता है, चौकन्ना भी रहता है।

यही कारण है कि मृगशिरा जातक कभी-कभी contradictory लग सकते हैं। वे मिलनसार हैं, पर पूरी तरह खुलने में समय लेते हैं। वे प्रेम चाहते हैं, पर पकड़ में नहीं आना चाहते। वे ज्ञान चाहते हैं, पर rigid doctrine से बचते हैं। वे सुंदरता चाहते हैं, पर ordinary beauty से संतुष्ट नहीं होते।

हिरण का सिर हमें यह भी सिखाता है कि खोज में हिंसा नहीं होनी चाहिए। मृगशिरा का मंगल sword वाला मंगल नहीं है; यह खोज की ऊर्जा है। दौड़ है, पर कोमल दौड़। साहस है, पर शोर नहीं।

वृषभ से मिथुन: सुगंध से विचार तक

मृगशिरा का आधा भाग वृषभ में और आधा भाग मिथुन में है। वृषभ में यह सौंदर्य, स्वाद, स्वर, स्पर्श, कला और संग्रह की खोज करता है। यहां व्यक्ति पूछता है: सबसे सुंदर रूप कौन सा है? सबसे सही ध्वनि कौन सी है? सबसे refined अनुभव कहां है?

मिथुन में प्रवेश करते ही वही खोज भाषा, सूचना, संबंध, व्यापार, लेखन और विचार में बदल जाती है। अब हिरण सुगंध नहीं, signal खोजता है। अब प्रश्न है: यह बात किससे जुड़ती है? कौन सी जानकारी missing है? किससे बात करनी चाहिए?

इसलिए मृगशिरा को राशि से अलग करके नहीं पढ़ना चाहिए। वृषभ पदों में यह sensory seeker है। मिथुन पदों में यह intellectual seeker है। दोनों में मूल बात एक ही है: यात्रा अभी समाप्त नहीं हुई।

जन्म नक्षत्र के रूप में मृगशिरा

यदि जन्म के समय चन्द्रमा मृगशिरा में हो, तो मन में खोज की लय बहुत मजबूत हो सकती है। व्यक्ति जल्दी bored हो सकता है, पर इसका अर्थ shallow होना नहीं है। अक्सर इसका अर्थ है कि मन subtle variation पकड़ता है और साधारण उत्तर से संतुष्ट नहीं होता।

संतुलित मृगशिरा gentle, intelligent, attractive, curious, research-oriented और adaptable होता है। उसे ऐसे काम, संबंध और वातावरण चाहिए जहां प्रश्न पूछना allowed हो। जहां केवल follow करना पड़े, वहां यह भीतर से सूख सकता है।

असंतुलन में suspicion, overthinking, commitment से बचना, आधी जानकारी पर निष्कर्ष, और लगातार नई चीजों के पीछे भागना आ सकता है। इसका विकास है: curiosity को tapas बनाना, restlessness को disciplined search बनाना।

मृगशिरा का जन्म-वरदान है: खोई हुई दिशा को सूंघ लेना।

लग्न, सूर्य या ग्रह मृगशिरा में हों तो

चन्द्र नक्षत्र मन की मूल लय बताता है, पर लग्न, सूर्य, बुध, शुक्र या मंगल मृगशिरा में हों तो उस ग्रह की अभिव्यक्ति खोजी, कोमल, सूक्ष्म और restless हो जाती है। लग्न मृगशिरा में हो तो व्यक्ति की उपस्थिति में alert grace दिख सकती है।

सूर्य मृगशिरा में हो तो पहचान में explorer quality आती है। बुध हो तो research, writing, languages, sales, data, interviews और connections में क्षमता बढ़ सकती है। शुक्र हो तो aesthetic search, fashion, music, fragrance, design और relationship curiosity दिख सकती है।

फिर भी किसी ग्रह का फल केवल नक्षत्र से तय नहीं होगा। भाव, दृष्टि, युति, दशा, नवांश, बल और पूरा चार्ट जरूरी है। मृगशिरा केवल यह बताता है कि ग्रह को खोज, signal-reading और सूक्ष्म curiosity की भाषा मिल रही है।

चार पद: एक ही शुरुआत के चार स्वर

मृगशिरा के चार पद दो राशियों में बंटे हैं। पहले दो वृषभ में हैं, जहां खोज सौंदर्य और रस में है। अंतिम दो मिथुन में हैं, जहां खोज विचार, भाषा और network में बदल जाती है। नवांश इस कहानी को और साफ करता है।

पहला पदवृषभ 23°20′ से 26°40′वे

सिंह नवांश · सूर्य

यह पद मृगशिरा की खोज को stage, expression और visible personality देता है। observation dramatic रूप ले सकती है।

उदाहरण: जिम कैरी (Rodden A; सीमा-संबंधी नोट)

दूसरा पदवृषभ 26°40′ से 30°00′वो

कन्या नवांश · बुध

यह पद beauty को analysis और precision से जोड़ता है। चेहरा, gaze, detail, craft और public image यहां खास हो सकते हैं।

उदाहरण: ब्रुक शील्ड्स (Rodden A)

तीसरा पदमिथुन 0°00′ से 3°20′का

तुला नवांश · शुक्र

यह पद खोज को व्यापार, संबंध, diplomacy और refined exchange में बदलता है। भाषा और सौंदर्य साथ काम करते हैं।

उदाहरण: आदित्य विक्रम बिड़ला (Rodden AA; सीमा-संबंधी नोट)

चौथा पदमिथुन 3°20′ से 6°40′की

वृश्चिक नवांश · मंगल

यह पद मृगशिरा की खोज को गहराई, रहस्य और emotional intensity देता है। स्वर, charm और छिपे हुए भाव साथ चल सकते हैं।

उदाहरण: डोरिस डे (Rodden AA)

इन उदाहरणों को अंतिम निष्कर्ष नहीं, verified birth-data based study pointers की तरह पढ़ें। कुछ उदाहरण पद-सीमा के निकट हैं, इसलिए पूरे चार्ट और स्रोत-गुणवत्ता को साथ पढ़ना जरूरी है।

करियर: research, movement और refined taste

मृगशिरा उन क्षेत्रों में अच्छा काम कर सकता है जहां खोज, sampling, observation और pattern detection चाहिए। research, journalism, writing, travel, market discovery, design research, product discovery, investigation, analytics, acting, modeling, music, fashion, fragrances, sales, communication, UX, psychology और education इसके अलग-अलग आधुनिक रूप हो सकते हैं।

वृषभ पदों में यह craft, beauty, voice, fashion और material refinement की ओर जा सकता है। मिथुन पदों में writing, media, trade, speaking, teaching, interviews, technology और networking की ओर। अंतर यही है कि पहले भाग में खोज इंद्रियों से चलती है, दूसरे भाग में भाषा से।

जिम कैरी में मृगशिरा की restless mimicry और observation देखी जा सकती है। ब्रुक शील्ड्स में beauty और gaze का सार्वजनिक रूप। आदित्य विक्रम बिड़ला में व्यापार को नए भूगोलों में खोजने की क्षमता। डोरिस डे में voice, charm और movement की लय। ये उदाहरण final proof नहीं, verified birth-data study pointers हैं।

संबंध: पीछा नहीं, खोज की नर्मी

मृगशिरा संबंधों में gentle curiosity लाता है। यह व्यक्ति को धीरे-धीरे जानना चाहता है। बातचीत, walk, साझा संगीत, travel, छोटी बातें, आंखों की भाषा और unsaid signals इसके लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

लेकिन यही ऊर्जा असंतुलित हो तो relationship में uncertainty भी ला सकती है। व्यक्ति सामने वाले को पसंद करता है, पर तुरंत स्थिर घोषणा से बचता है। कभी-कभी वह खोज के आनंद को commitment से बड़ा मान लेता है।

संतुलित मृगशिरा में loyalty आती है, पर पहले trust बनता है। इसे harsh pressure से नुकसान होता है। इसके लिए प्रेम का रास्ता है: खुली बातचीत, धीरे बढ़ना, और curiosity को suspicion में बदलने से रोकना।

मृगशिरा के लिए प्रेम का प्रश्न है: क्या मैं खोजते हुए भी किसी के साथ ठहर सकता हूं?

अनुकूलता: योनि, गण, नाड़ी, तारा और अष्टकूट

मृगशिरा की compatibility को केवल gentle match मानना पर्याप्त नहीं। इसमें आकर्षण, curiosity, nervous sensitivity और freedom need साथ चलती है। इसलिए संबंध में trust, mental space और repeated reassurance महत्वपूर्ण हैं।

योनि के स्तर पर मृगशिरा स्त्री सर्प से जुड़ा है। इसका natural counterpart रोहिणी का नर सर्प संकेत माना जाता है। सर्प-योनि strong instinct, private bonding और subtle physical sensitivity बताती है, पर suspicion और possessive undercurrent भी ला सकती है।

गण के स्तर पर मृगशिरा देव गण है। इसका अर्थ है कि इसमें refinement, learning और idealism है। पर देव गण का अर्थ practical जीवन से भागना नहीं; इसका अर्थ है कि relationship में grace और meaning चाहिए।

नाड़ी के स्तर पर इसे मध्य नाड़ी से जोड़ा जाता है। नाड़ी अष्टकूट में महत्वपूर्ण है, लेकिन नाड़ी दोष देखकर fear-content बनाना ठीक नहीं। भकूट, गण, योनि, ग्रह मैत्री, सप्तम भाव, शुक्र, गुरु, नवांश और वास्तविक व्यवहार साथ पढ़ना चाहिए।

तारा बल जन्म नक्षत्रों की दूरी से संबंध की लय बताता है। मृगशिरा के लिए अष्टकूट में कुल गुणों के साथ यह भी पूछना होगा: क्या दोनों लोग curiosity को trust में बदल पा रहे हैं?

जब चन्द्रमा मृगशिरा से गुजरता है

मृगशिरा मृदु प्रकृति का नक्षत्र है, इसलिए चन्द्रमा का मृगशिरा transit research, learning, travel planning, gentle conversation, dating, exploration, market research, interviews, creative sampling और नई दिशा समझने के लिए अच्छा हो सकता है।

इसे मुहूर्त की mechanical सूची की तरह नहीं पढ़ना चाहिए। आधुनिक जीवन में यह उस दिन जैसा है जब आप किसी विषय पर serious reading करते हैं, route map बनाते हैं, नए लोग समझते हैं, options compare करते हैं या किसी project की discovery phase शुरू करते हैं।

कठोर टकराव, aggressive negotiation, final irreversible decision या surgery जैसे विषयों में केवल मृगशिरा देखकर निर्णय नहीं करना चाहिए। तिथि, वार, योग, करण, लग्न, चन्द्रबल, ताराबल और व्यक्ति की कुंडली साथ देखनी चाहिए।

शरीर और स्वास्थ्य संकेत

यह भाग चिकित्सा सलाह नहीं है। यह केवल ज्योतिषीय प्रतीक-व्याख्या है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या में योग्य डॉक्टर से सलाह लें।

मृगशिरा को आंखों, भौंहों, नाक, sinus, smell response और nervous alertness से जोड़ा जाता है। हिरण-मस्तक प्रतीक भी इसी दिशा में जाता है: sense organs अधिक जागरूक, जल्दी प्रतिक्रिया देने वाले और वातावरण से प्रभावित।

इसका अर्थ यह नहीं कि मृगशिरा जातक को कोई विशेष रोग निश्चित है। इसका अर्थ है कि शरीर को gentle rhythm, sleep hygiene, breathing space, eye rest, nasal care, anxiety management और excessive stimulation से दूरी की जरूरत हो सकती है।

मृगशिरा का स्वास्थ्य-पाठ है कि curiosity को rest के साथ balance करें। हर signal पर दौड़ना शरीर को थका सकता है; सही signal चुनना ही बुद्धिमत्ता है।

मृगशिरा में शरीर का मंत्र है: सुनो, सूंघो, समझो, फिर चलो।

मंत्र, उपाय और सावधानी

मृगशिरा में सोम और मंगल दोनों हैं। सामान्य स्तर पर शांत चन्द्र-उपासना, जल का सम्मान, पौधे लगाना, ज्ञान की खोज, नियमित चलना, और जल्दबाजी में प्रतिक्रिया न देना इस नक्षत्र की शिक्षा से मेल खाते हैं।

कुछ परंपराओं में "ॐ सोमाय नमः" या मृगशिरा-संबंधी मंत्रों का उल्लेख मिलता है। Mastroify पर इन्हें शिक्षा के रूप में रखना चाहिए, व्यक्तिगत prescription की तरह नहीं। मूंगा, चन्द्र उपाय, यात्रा-मुहूर्त या relationship remedy पूरी जन्मकुंडली देखे बिना नहीं सुझाने चाहिए।

वृक्ष, पक्षी और प्रकृति संकेत

मृगशिरा को प्रकृति में पढ़ें तो खैर, मुर्गी, हिरण और सर्प चारों एक ही बात कहते हैं: खोज जमीन पर करो। कल्पना में नहीं, संकेतों में; भागकर नहीं, सूंघकर; शोर से नहीं, observation से।

खैर या Acacia catechu वृक्ष

खैर / Acacia catechu

खैर कठोर और उपयोगी वृक्ष है। मृगशिरा की कोमल खोज तभी फल देती है जब भीतर टिकाऊपन भी हो। केवल curiosity काफी नहीं; disciplined seeking जरूरी है।

मुर्गी, मृगशिरा के पक्षी संकेत के लिए

मुर्गी / Hen

मुर्गी जमीन को कुरेदकर दाना खोजती है। मृगशिरा भी उत्तर ऊपर से नहीं गिरने देता; वह छोटे संकेतों, आवाजों और छिपे हुए clues को कुरेदता है।

खैर कठोर भूमि में भी उपयोगी रहता है। मुर्गी छोटे-छोटे दाने खोजती है। हिरण हर आवाज पढ़ता है। सर्प धरती की सूक्ष्म कंपनों को महसूस करता है। इन सबको जोड़ दें तो मृगशिरा का जीवन-पाठ स्पष्ट होता है: जो छिपा है, उसे धैर्य से खोजो।

यह नक्षत्र हमें सिखाता है कि ज्ञान हमेशा पुस्तक की पंक्ति में नहीं छिपा होता। कभी वह गंध में है, कभी रास्ते में, कभी आवाज में, कभी किसी के चेहरे की छोटी-सी हरकत में। मृगशिरा वही पढ़ता है।

मृगशिरा से आगे क्यों पढ़ना चाहिए?

मृगशिरा ने खोज शुरू की। लेकिन हर खोज को एक दिन तूफान से गुजरना पड़ता है। वही तूफान आगे आर्द्रा में आता है। मृगशिरा पूछता है: क्या सच है? आर्द्रा पूछता है: जो झूठ है, उसे तोड़ने की हिम्मत है?

यदि आपका जन्म नक्षत्र मृगशिरा है, तो इसे केवल restless personality का label मत बनाइए। इसे जीवन का प्रश्न मानिए: मैं क्या खोज रहा हूं, और क्या मेरी खोज मुझे गहरा बना रही है या बिखरा रही है?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मृगशिरा नक्षत्र क्या है?

मृगशिरा वैदिक ज्योतिष का पांचवां नक्षत्र है। यह वृषभ 23°20′ से मिथुन 6°40′ तक फैला है। इसका स्वामी मंगल और देवता सोम माने जाते हैं।

मृगशिरा का मुख्य अर्थ क्या है?

इसका मुख्य अर्थ है खोज, curiosity, सूक्ष्म observation, gentle movement, research, सौंदर्य की तलाश और विचारों की यात्रा।

मृगशिरा नक्षत्र के लोग कैसे होते हैं?

सामान्यतः जिज्ञासु, कोमल, बुद्धिमान, attractive, observant और खोजी। असंतुलन में suspicion, restlessness और commitment से बचना आ सकता है।

मृगशिरा किस राशि में आता है?

मृगशिरा के पहले दो पद वृषभ राशि में और अंतिम दो पद मिथुन राशि में आते हैं। इसलिए इसमें sensory और intellectual दोनों तरह की खोज मिलती है।

मृगशिरा के नामाक्षर क्या हैं?

मृगशिरा नक्षत्र के चार पदों से जुड़े नामाक्षर वे, वो, का और की माने जाते हैं।

मृगशिरा का योनि संकेत क्या है?

मृगशिरा को स्त्री सर्प योनि से जोड़ा जाता है। इसका natural counterpart रोहिणी के नर सर्प संकेत से पढ़ा जाता है।

क्या मृगशिरा विवाह के लिए अच्छा है?

मृदु प्रकृति के कारण यह gentle bonding और समझ-बूझ के लिए अच्छा माना जा सकता है, पर विवाह निर्णय में केवल नक्षत्र नहीं; अष्टकूट, सप्तम भाव, नवांश और दशा भी देखनी चाहिए।

मृगशिरा का वृक्ष और पक्षी क्या है?

Mastroify इस पृष्ठ पर मृगशिरा के लिए खैर / Acacia catechu वृक्ष और मुर्गी / Hen पक्षी संकेत को study layer मानता है। क्षेत्रीय सूचियों में अंतर मिल सकता है।

मृगशिरा नक्षत्र में जन्मे प्रसिद्ध व्यक्तित्व

जिम कैरी

Actor and comedian

पद 1A

Canadian-American actor and comedian known for Ace Ventura, The Mask, Dumb and Dumber, The Truman Show and the Sonic film series.

इवान मैकग्रेगर

Actor

पद 1AA

Scottish actor known for Trainspotting, Moulin Rouge!, Star Wars, Fargo and Halston.

जेम्स स्पेडर

Actor

पद 3AA

American actor known for Sex, Lies, and Videotape, Boston Legal, The Blacklist and Avengers: Age of Ultron.

केरी वॉशिंगटन

Actress

पद 3A

American actress known for Scandal, Django Unchained, Confirmation, Little Fires Everywhere and Broadway work.

शर्ली टेम्पल

Actress, singer, dancer and diplomat

पद 4AA

American child star who became Hollywood’s top box-office draw and later served as a U.S. diplomat.

सलमान रुश्दी

Novelist

पद 4A

Indian-born British-American novelist known for Midnight's Children, The Satanic Verses, and advocacy for free expression.

गाय द रोथ्सचाइल्ड

Banker, philanthropist and racehorse owner

पद 2AA

French banker who chaired Banque Rothschild and was a member of the Rothschild banking family.

जन्म डेटा AstroDatabank (Rodden AA/A) से। वैदिक नक्षत्र लाहिरी अयनांश से गणित।